नई दिल्ली | भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को राजनयिक माध्यमों से नागरिक कैदियों, मछुआरों और परमाणु प्रतिष्ठानों की सूचियों का आदान-प्रदान किया।
भारत ने अपनी हिरासत में मौजूद 391 नागरिक कैदियों और 33 मछुआरों की सूची साझा की, जो पाकिस्तानी हैं या जिनके पाकिस्तानी होने की आशंका है।
इसी तरह, पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद 58 नागरिक कैदियों और 199 मछुआरों की सूची साझा की, जो भारतीय हैं या जिनके भारतीय होने की आशंका है।
भारत ने नागरिक कैदियों और मछुआरों को उनकी नौकाओं सहित शीघ्र रिहा कर स्वदेश भेजने के साथ-साथ पाकिस्तान की हिरासत में मौजूद लापता भारतीय रक्षा कर्मियों की वापसी की मांग की।
पाकिस्तान से यह भी आग्रह किया गया है कि वह अपनी सजा पूरी कर चुके 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाए।
इसके अलावा, पाकिस्तान से कहा गया है कि वह अपनी हिरासत में मौजूद 35 ऐसे नागरिक कैदियों और मछुआरों को तत्काल कांसुलर (दूतावास) पहुंच प्रदान करे, जिन्हें अब तक यह सुविधा नहीं दी गई है और जिनके भारतीय होने की आशंका है।
इन प्रयासों के माध्यम से वर्ष 2014 से अब तक 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय नागरिक कैदियों को पाकिस्तान से स्वदेश लाया जा चुका है।
भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं पर हमले के निषेध संबंधी समझौते के तहत आने वाले परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की सूचियों का भी आदान-प्रदान किया गया।
यह दोनों देशों के बीच इस प्रकार की सूचियों का लगातार 35वां आदान-प्रदान था, जिसकी शुरुआत 1 जनवरी 1992 को हुई थी।


