नई दिल्ली | कांग्रेस ने शनिवार को VB-G RAMG अधिनियम के खिलाफ 8 जनवरी से शुरू होने वाले ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की घोषणा की।
नई दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए, पार्टी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि मनरेगा देश की सबसे विकेंद्रीकृत योजनाओं में से एक थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि नए एक्ट के तहत सभी फैसले दिल्ली में लिए जाएंगे, जिससे गांवों पर बुरा असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य काम के अधिकार की रक्षा करना, पंचायती राज संस्थाओं को सुरक्षित रखना, श्रमिकों और गरीबों के साथ खड़ा होना और इस मुद्दे को देश के हर गांव तक ले जाना है।
उन्होंने आगे कहा कि यह एक्ट मनरेगा को खत्म करना चाहता है। मनरेगा के कारण भूख कम हुई, पलायन में कमी आई और सड़कों, नहरों तथा बांधों का निर्माण हुआ। कोविड काल और आर्थिक संकट के दौरान, मनरेगा इस देश के लोगों के लिए एक सुरक्षा कवच बन गया था।
वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह अभियान 8 जनवरी को शुरू होगा और 45 दिनों तक चलेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक राष्ट्रीय आंदोलन होगा और यदि आवश्यकता पड़ी, तो पार्टी अदालत भी जाएगी।


