नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक Sonam Wangchuk के जारी अनशन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री Sanjay Nishad ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष वांगचुक का समर्थन नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें राजनीतिक मोहरा बनाकर उनकी जान जोखिम में डालने की कोशिश कर रहा है।
संजय निषाद ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत लगातार बिगड़ रही है, तो उसे अनशन खत्म कर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है, जबकि उसे वांगचुक के स्वास्थ्य और सुरक्षा की अधिक चिंता करनी चाहिए।
मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी की जान को खतरे में डालने वाली स्थिति पैदा करना उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह आंदोलन को राजनीतिक रंग देने के बजाय सकारात्मक समाधान की दिशा में सहयोग करे।
वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि Sonam Wangchuk का आंदोलन जनहित के मुद्दों से जुड़ा है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि सरकार संवाद के बजाय आंदोलन को नजरअंदाज कर रही है, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
गौरतलब है कि Sonam Wangchuk लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अनशन पर हैं। उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस पूरे मामले में अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं, जबकि सभी की निगाहें सरकार और आंदोलन के अगले कदम पर टिकी हैं।

