मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि “जब भगवा लगा घटने, तब राम का नाम लगे रटने।” शिंदे का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है।
शिंदे ने क्या कहा?
एक जनसभा को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि कुछ नेता चुनाव नजदीक आते ही भगवान राम और हिंदुत्व की बात करने लगते हैं, जबकि लंबे समय तक उन्होंने इन मुद्दों से दूरी बनाए रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब जनता का समर्थन कम होने लगा और भगवा विचारधारा कमजोर पड़ती दिखाई दी, तब राम के नाम का सहारा लिया जाने लगा।
शिंदे ने कहा कि हिंदुत्व केवल चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि उनकी विचारधारा और जीवनशैली का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार विकास और जनकल्याण के साथ-साथ हिंदुत्व की मूल भावना को भी मजबूती से आगे बढ़ा रही है।
उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना
डिप्टी सीएम ने बिना नाम लिए उद्धव ठाकरे की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता अब दिखावटी हिंदुत्व और वास्तविक हिंदुत्व के बीच का फर्क समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए जिन मुद्दों पर चुप्पी साधी गई, अब उन्हीं विषयों को राजनीतिक लाभ के लिए उठाया जा रहा है।
महाराष्ट्र की सियासत हुई गर्म
शिंदे के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शिवसेना (UBT) की ओर से भी इस बयान पर पलटवार किया जा सकता है। राज्य में पहले से ही महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच राजनीतिक टकराव तेज है और ऐसे बयान चुनावी माहौल को और गर्म करने का काम कर रहे हैं।
चुनावी माहौल में तेज हुई बयानबाजी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होंगे। हिंदुत्व, विकास, गठबंधन और नेतृत्व जैसे मुद्दे इस बार चुनावी बहस के केंद्र में रहने की संभावना है। ऐसे में सभी दल अपने-अपने समर्थकों को साधने के लिए आक्रामक रणनीति अपनाते नजर आ रहे हैं।

