नई दिल्ली: संसद में पेपर लीक मामले को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और हालिया घटनाक्रम को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, “जो राम मंदिर का चढ़ावा नहीं बचा सके, वे पेपर लीक कैसे बचाएंगे।” साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि “प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया गया।”
अखिलेश यादव ने कहा कि देश के लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की उम्मीद करते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई कर रही है।
सपा प्रमुख ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
पेपर लीक के मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में भी लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है। विपक्ष इस मामले पर सरकार को घेर रहा है और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है और इसे लेकर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

