नई दिल्ली। लोकसभा में लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बहस के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और उनसे सदन में माफी मांगने की मांग की।
किरण रिजिजू ने कहा कि संसद में सभी सदस्यों को संसदीय मर्यादा और नियमों का पालन करना चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी सदस्य द्वारा बार-बार असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया जाता है, तो यह सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी से अपनी टिप्पणी वापस लेने और माफी मांगने की अपील की।
वहीं, विपक्ष ने सरकार पर गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया और पेपर लीक की घटनाओं, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता तथा छात्रों के हितों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया। विपक्ष का कहना था कि केवल कानून में संशोधन पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके प्रभावी क्रियान्वयन और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पेपर लीक रोकने के उद्देश्य से लाए गए संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन में कई बार तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बनी रही। सरकार का दावा है कि प्रस्तावित संशोधन परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाएंगे, जबकि विपक्ष ने विधेयक के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं।
अब इस विधेयक पर संसद में आगे की चर्चा और निर्णय पर सभी की नजर बनी हुई है।

