वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बीच चीन से ईरान को मिसाइलों की कथित सप्लाई की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान को चीन में बनी 300 से 400 तक पोर्टेबल एयर डिफेंस मिसाइल प्रणालियां मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शुरुआती खेप आने वाले हफ्तों में पहुंच सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन हथियारों में चीन की QW-12 और FN-16 मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हो सकती हैं। इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 60 से 70 मिलियन डॉलर बताई गई है। इन प्रणालियों का इस्तेमाल कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हवाई खतरों से बचाव के लिए किया जा सकता है।
पाकिस्तान के रास्ते सप्लाई की चर्चा
Reuters से बातचीत में सूत्रों ने दावा किया कि प्रस्तावित डिलीवरी चीन के पश्चिमी हिस्से से हवाई मार्ग के जरिए पाकिस्तान होते हुए ईरान पहुंच सकती है। हालांकि, इस रूट और सप्लाई की अंतिम व्यवस्था में बदलाव की संभावना भी बताई गई है। पाकिस्तान ने इस मामले में किसी तरह की भूमिका से इनकार किया है।
Trump ने जताई हैरानी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब चीन द्वारा ईरान को हथियार दिए जाने की रिपोर्ट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे ‘surprising’ बताया। ट्रंप के मुताबिक, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें आश्वासन दिया था कि बीजिंग ईरान को सैन्य मदद नहीं देगा। ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर चीन की ओर से हथियारों की सप्लाई की पुष्टि होती है तो वह इससे निराश होंगे।
चीन ने रिपोर्ट को बताया ‘बेबुनियाद’
वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे ‘पूरी तरह बेबुनियाद’ बताया है। बीजिंग का कहना है कि चीन लगातार संघर्ष को खत्म करने और शांति स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। दूसरी ओर, Reuters की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हथियारों की डिलीवरी से जुड़ी मात्रा और समय में बदलाव संभव है।
फिलहाल, इस कथित हथियार सौदे को लेकर चीन और पाकिस्तान के आधिकारिक रुख तथा सूत्रों के दावों में अंतर नजर आ रहा है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में इस डील और प्रस्तावित सप्लाई को लेकर क्या आधिकारिक जानकारी सामने आती है।

