महाराष्ट्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। ‘कोहिनूर’ बिल्डिंग अचानक भरभराकर ढह गई, जिससे अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरने से पहले तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद कुछ ही सेकंड में पूरी बिल्डिंग जमींदोज हो गई। आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में जुट गए। भारी मलबे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बचाव दल अत्याधुनिक उपकरणों और स्निफर डॉग्स की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है और कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
हादसे के बाद बिल्डिंग गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती आशंका है कि इमारत की संरचनात्मक कमजोरी या लगातार हुई बारिश के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। यदि निर्माण में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे इलाके को सुरक्षा कारणों से सील कर दिया गया है और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। प्रशासन का कहना है कि जब तक मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक अभियान नहीं रोका जाएगा। पूरे देश की नजरें इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं और लोग पीड़ितों के सुरक्षित बाहर निकलने की दुआ कर रहे हैं।

