राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर संसद परिसर में शुक्रवार को विपक्ष ने अनोखे अंदाज में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में नजर आए, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रतीकात्मक रूप से दान पेटी में चंदा डाला। इसके बाद प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव दान पेटी लेकर आगे बढ़े। विपक्ष का कहना था कि यह प्रदर्शन राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और उसकी निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर किया गया।
विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता जरूरी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। संसद परिसर में हुए इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वहीं, सत्तापक्ष ने विपक्ष के इस प्रदर्शन को ‘राजनीतिक नौटंकी’ करार देते हुए कड़ी आलोचना की। भाजपा नेताओं का कहना है कि संसद जैसे गंभीर मंच का इस्तेमाल इस तरह के प्रतीकात्मक प्रदर्शन के लिए करना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि विपक्ष धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहले से ही राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। इस मामले में जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई कर रही हैं और कई स्तरों पर जांच जारी है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और जांच को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद का माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। एक ओर विपक्ष इसे श्रद्धालुओं की आस्था और जवाबदेही का सवाल बता रहा है, तो दूसरी ओर सत्तापक्ष इसे केवल राजनीतिक प्रदर्शन करार दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और देश की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

