नई दिल्ली: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्र कार्यकर्ताओं ने 23 दिनों तक चली भूख हड़ताल को समाप्त कर दिया है। यह फैसला विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद लिया गया। लंबे समय से जारी इस आंदोलन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।
शिक्षा और छात्र अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था आंदोलन
AISA के अनुसार, भूख हड़ताल शिक्षा व्यवस्था, छात्र अधिकारों और प्रशासनिक फैसलों के विरोध में शुरू की गई थी। संगठन का कहना है कि उनका उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने मजबूती से रखना था। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चलाया गया और इस दौरान कई छात्र संगठनों, शिक्षकों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समर्थन भी दिया।
प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद खत्म हुआ अनशन
भूख हड़ताल के दौरान कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने प्रदर्शन स्थल पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और वार्ता के जरिए समाधान निकालने की अपील की। इसके बाद तीनों छात्र कार्यकर्ताओं ने जूस पीकर अपना 23 दिनों का अनशन समाप्त किया।
AISA ने कहा— आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ
अनशन समाप्त होने के बाद AISA ने स्पष्ट किया कि भूख हड़ताल खत्म होने का मतलब आंदोलन समाप्त होना नहीं है। संगठन का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक और ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आगे की रणनीति तय कर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा।
प्रशासन के अगले कदम पर टिकी निगाहें
छात्र संगठन को उम्मीद है कि सरकार और संबंधित प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे। वहीं प्रतिनिधिमंडल ने भी सभी पक्षों से बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकालने की अपील की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है। यदि समाधान नहीं निकला तो आंदोलन फिर से तेज होने की संभावना बनी रह सकती है.

