काकामिगहारा। महिला हॉकी टीम की शानदार जुझारू क्षमता ने भारत को 44 साल के लंबे इंतजार के बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक दिलाया। इस ऐतिहासिक सोने के साथ टीम ने ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। मुक्केबाजों, तीरंदाजों और पहलवान सुजीत कलकल ने भी उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारत के शानदार अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शुक्रवार को प्रतियोगिताओं के अंतिम दिन से एक दिन पहले भारत ने एक ही दिन में छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए और पदक तालिका में शीर्ष पांच में जगह बना ली।
भारत अब 76 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर है। उसके खाते में 16 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य पदक हैं। कुल पदकों की संख्या में भारत ने चौथे स्थान पर मौजूद उज्बेकिस्तान को पीछे छोड़ दिया है, जिसके नाम 65 पदक हैं। हालांकि, स्वर्ण पदकों की संख्या में भारत अभी उज्बेकिस्तान से चार पीछे है।

