नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थरबाजी और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की घटनाओं की जांच के लिए आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज और अन्य उपलब्ध वीडियो रिकॉर्डिंग की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
CCTV और वीडियो फुटेज से होगी पहचान
दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच टीम प्रदर्शन स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग एकत्र कर रही है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जा रहा है। जांच एजेंसियों का उद्देश्य घटना में शामिल लोगों की पहचान कर तथ्यात्मक आधार पर कार्रवाई करना है।
हिंसा की हर घटना की होगी जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान, पत्थरबाजी और कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी घटनाक्रमों की अलग-अलग जांच की जा रही है। यदि किसी व्यक्ति की भूमिका साक्ष्यों के आधार पर सामने आती है, तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा रखें।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों की समीक्षा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जिन लोगों की संलिप्तता प्रमाणित होगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले पर आगे की प्रगति और पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

