नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की समयसीमा 12 दिन बढ़ा दी है। अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 17 अगस्त 2026 को प्रकाशित की जाएगी, जबकि सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद फाइनल वोटर लिस्ट 19 अक्टूबर 2026 को जारी होगी।
चुनाव आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। साथ ही कई क्षेत्रों से मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और संशोधित करने से जुड़े अनुरोध भी मिले हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। इसी उद्देश्य से पुनरीक्षण की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद नागरिक अपने नाम और अन्य विवरण की जांच कर सकेंगे। यदि किसी व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है या उसमें किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वह निर्धारित अवधि के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेगा। चुनाव आयोग इन सभी आवेदनों की जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार करेगा।
आयोग ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद अपने नाम की जांच जरूर करें। जिन लोगों ने हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूरी की है या जिनका निवास स्थान बदला है, वे भी समय रहते आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं।
दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची का यह विशेष पुनरीक्षण बेहद अहम माना जा रहा है। चुनाव आयोग का उद्देश्य है कि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह सटीक और अद्यतन हो, ताकि मतदान के दौरान किसी भी पात्र नागरिक को परेशानी का सामना न करना पड़े। अब सभी की नजर 17 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर रहेगी। इसके बाद दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जो आगामी चुनावों का आधार बनेगी।

