नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके (Abhijeet Deepke) ने अपनी मांगों को लेकर Hunger Strike (अनशन) शुरू कर दिया है। अनशन की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा, “अब लड़ाई मैं लड़ूंगा”, और इसे केवल अपनी नहीं बल्कि आम जनता के अधिकारों और जनहित से जुड़ी लड़ाई बताया। उन्होंने देशवासियों से आंदोलन का समर्थन करने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।
“अब पीछे हटने का सवाल नहीं”
अनशन की घोषणा के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्होंने यह कदम लंबे विचार-विमर्श के बाद उठाया है। उनके अनुसार, कई बार संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखने के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण अनशन का रास्ता चुना है।
देशवासियों से समर्थन की अपील
दीपके ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है तो सभी नागरिकों को जागरूक होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना होगा। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और संवैधानिक दायरे में रहकर आंदोलन का समर्थन करने का आग्रह किया।
प्रशासन की नजर आंदोलन पर
अनशन शुरू होने के बाद प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। फिलहाल आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका आंदोलन कुछ महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को लेकर है। हालांकि संबंधित मांगों पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक अनशन जारी रहेगा।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल सरकार या संबंधित विभाग की ओर से इस अनशन पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों की नजर अब इस बात पर है कि सरकार इस आंदोलन पर क्या रुख अपनाती है और बातचीत की दिशा में कोई पहल होती है या नहीं।
आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। यदि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता होती है, तो स्थिति में बदलाव संभव है।

