लोकसभा में सोमवार को लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने छात्रों की कथित पिटाई के मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग उठाई। विपक्ष का कहना था कि छात्रों से जुड़े इस गंभीर मामले पर सरकार को सदन में जवाब देना चाहिए और चर्चा कराई जानी चाहिए।
विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने सभी दलों से संयम बरतने की अपील की। स्पीकर ने कहा कि सदन सुचारु रूप से चलना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी विषय पर चर्चा के लिए सभी पक्षों के बीच सहमति बनाना आवश्यक है। उन्होंने सरकार और विपक्ष से आपसी संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का आग्रह किया।
इस दौरान सत्ता पक्ष ने लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर चर्चा आगे बढ़ाने की कोशिश की, जबकि विपक्ष छात्रों की पिटाई के मुद्दे पर पहले चर्चा कराने की मांग पर अड़ा रहा। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के कारण सदन का माहौल काफी देर तक गर्म बना रहा।
संसदीय कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष लगातार व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते रहे। हालांकि विपक्ष ने अपने विरोध को जारी रखा और सरकार से छात्रों के साथ हुई कथित घटना पर विस्तृत बयान देने की मांग दोहराई।
फिलहाल, लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक और छात्रों की पिटाई के मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद सदन की कार्यवाही किस तरह आगे बढ़ती है।

