कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला है। एक संगठनात्मक बैठक के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब पार्टी कठिन दौर से गुजर रही थी, तब कुछ नेता साथ खड़े होने के बजाय अपनी “सेटिंग” में व्यस्त थे। वहीं उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की जमकर सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हर चुनौती का सामना “शेर की तरह” किया।
ममता बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक संघर्ष के समय पार्टी को मजबूत करने के लिए कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पूरी निष्ठा के साथ काम किया, लेकिन कुछ ऐसे भी लोग थे जिन्होंने मुश्किल समय में संगठन का साथ देने के बजाय अपने निजी हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने ऐसे नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर सही जवाब भी देगी।
मुख्यमंत्री ने अभिषेक बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हर मोर्चे पर मजबूती से लड़ाई लड़ी और पार्टी के लिए लगातार सक्रिय रहे। उनके अनुसार, अभिषेक ने दबाव और राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर पार्टी की मजबूती के लिए एकजुट होकर काम करें।
ममता बनर्जी ने स्पष्ट संदेश दिया कि तृणमूल कांग्रेस में अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी की विचारधारा और संगठन के प्रति ईमानदार हैं, उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा, लेकिन अवसरवाद की राजनीति करने वालों के लिए संगठन में कोई जगह नहीं है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ममता बनर्जी का यह बयान केवल बागी नेताओं को संदेश नहीं है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले संगठन को एकजुट रखने की रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है। ऐसे समय में जब पश्चिम बंगाल की राजनीति लगातार गरमा रही है, ममता का यह बयान राज्य की सियासत में नई चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, जिन नेताओं को लेकर यह टिप्पणी की गई, उनकी ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन ममता बनर्जी के इस बयान ने एक बार फिर TMC के भीतर चल रही राजनीतिक हलचल को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

