नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन को नई दिशा देने के उद्देश्य से नगर निगम दिल्ली (MCD) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
इस साझेदारी का उद्देश्य यमुना में प्रदूषण कम करना, ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देना और आधुनिक तकनीक के जरिए स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाना है। माना जा रहा है कि इस पहल से राजधानी में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कचरा निस्तारण की व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होगी | मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि MCD और NDDB के बीच हुआ यह MoU यमुना स्वच्छता अभियान के लिए एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नदी की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यमुना को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए दीर्घकालिक एवं टिकाऊ समाधान विकसित करना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस साझेदारी से Clean-Up Mission को नई गति मिलेगी और दिल्लीवासियों को स्वच्छ वातावरण का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को देश के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर यमुना के पुनर्जीवन के लिए गंभीरता से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आधुनिक तकनीक, बेहतर कचरा प्रबंधन और संस्थागत सहयोग को इस अभियान की सफलता की कुंजी बताया। 
विशेषज्ञों के अनुसार, NDDB के तकनीकी अनुभव और MCD के प्रशासनिक नेटवर्क के संयुक्त प्रयास से जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन, संसाधनों के पुनः उपयोग और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। इससे यमुना में गिरने वाले अपशिष्ट को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इस परियोजना के तहत कई आधुनिक पहल शुरू की जाएंगी, जिनका उद्देश्य स्वच्छ, हरित और टिकाऊ दिल्ली का निर्माण करना है। यमुना की सफाई लंबे समय से राजधानी की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों में शामिल रही है और इस MoU को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम माना जा रहा है.

