श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के हालिया बयान पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केवल अफसोस जताना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यदि बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं की जिम्मेदारी होती है कि वे अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। उन्होंने कहा कि विवादित बयान के बाद केवल यह कहना कि “जुबान फिसल गई” पर्याप्त नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में स्पष्ट रूप से माफी मांगना ही उचित कदम होगा।
यह विवाद महबूबा मुफ्ती के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिस पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। बयान सामने आने के बाद महबूबा मुफ्ती ने सफाई देते हुए कहा कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था और यदि उनके शब्दों से किसी को दुख पहुंचा है तो उन्हें इसका अफसोस है।
हालांकि, उमर अब्दुल्ला ने इस स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं माना। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है और विवादित बयान पर स्पष्ट माफी ही उचित संदेश दे सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी प्रदेश की सियासत में चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

