नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र 2026 के पहले ही दिन लोकसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने NEET पेपर लीक और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरते हुए तत्काल चर्चा की मांग की। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा, जिसके चलते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।
NEET Paper Leak पर सरकार से जवाब की मांग
विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि देशभर के लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले NEET पेपर लीक मामले पर सरकार अब तक संतोषजनक जवाब देने में विफल रही है। विपक्ष ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा भी उठा
लोकसभा में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला भी जोर-शोर से उठाया गया। विपक्ष ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। विपक्षी नेताओं का कहना था कि धार्मिक संस्थानों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सदन में नारेबाजी, कार्यवाही स्थगित
दोनों मुद्दों पर विपक्ष के लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण सदन में सामान्य कार्यवाही नहीं हो सकी। अध्यक्ष ने सदस्यों से शांतिपूर्वक अपनी बात रखने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ा टकराव
मानसून सत्र की शुरुआत से पहले ही यह संकेत मिल गए थे कि विपक्ष कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में सत्र के पहले दिन का हंगामा आने वाले दिनों में संसद के भीतर तीखी बहस और राजनीतिक टकराव का संकेत माना जा रहा है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन दोनों मुद्दों पर संसद में क्या जवाब देती है और क्या विस्तृत चर्चा के लिए समय निर्धारित किया जाएगा। वहीं विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो मानसून सत्र के दौरान विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।

