केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उनके नाम और छवि का कथित रूप से दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए AI डीपफेक और भ्रामक पोस्ट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में उन्होंने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मानहानि (Defamation) का मुकदमा दायर किया है।
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर गडकरी से जुड़े कुछ वीडियो और पोस्ट प्रसारित किए गए, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर उनके बयान और छवि को कथित रूप से तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। इन पोस्ट को लेकर गडकरी ने इसे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास बताया है।
मानहानि याचिका में कहा गया है कि फर्जी और भ्रामक सामग्री के माध्यम से जनता को गुमराह करने के साथ-साथ उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने अदालत से ऐसे कंटेंट को हटाने, जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
हाल के समय में AI डीपफेक तकनीक के जरिए फर्जी वीडियो और ऑडियो तैयार करने के मामलों में तेजी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों से निपटने के लिए कड़े कानूनी और तकनीकी उपायों की आवश्यकता है।
फिलहाल, मामले की सुनवाई संबंधित अदालत में लंबित है। वहीं, इस घटनाक्रम ने AI आधारित डीपफेक और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सामग्री को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।

