दिल्ली | विदेश मंत्रालय ने Oman Coast Ship Attack को लेकर ईरानी राजनयिकों (जिनमें डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मोहम्मद जवाद होसैनी भी शामिल हैं) को तलब किया है। इस हमले में भारतीय नाविक की हत्या हुई है। यह राजनयिक कदम ओमान के समुद्री क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात के ध्वज वाले दो टैंकरों पर हुए हमले के बाद उठाया गया है। इसमें एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई। वहीं, भारतीय नागरिकों सहित कई अन्य घायल हो गए। भारत ने ईरानी दूतावास से स्पष्टीकरण मांगा और हमले पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की।
बिना बयान दिए हुए रवाना
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा परिवहन के प्रमुख मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन पर मंडराते खतरों के बीच यह तलब जारी की गई है। बैइस अहम बैठक के बाद उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी और अन्य ईरानी राजनयिक बिना कोई सार्वजनिक बयान दिए वहां से रवाना हो गए। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह राजनयिक प्रयास हुए हैं।
ईरान के हमलों यूएई ने क्या कहा?
यूएई ने ईरान के इन हमलों की कड़ी निंदा की। इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। इसके साथ ही इस तरह के हमलों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। यूएई ने कहा, ‘हमारे पास इस तनाव को बढ़ाने वाली कार्रवाई का जवाब देने का पूरा अधिकार है।