नई दिल्ली: लोकसभा में लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि कांग्रेस के शासनकाल में भी कई बड़े पेपर लीक के मामले सामने आए थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के प्रयासों का समर्थन करे।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन में कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और इसी उद्देश्य से लोक परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधान किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि नई व्यवस्था के तहत पेपर लीक, नकल माफिया और परीक्षा में धांधली करने वाले संगठित गिरोहों पर सख्त कार्रवाई संभव होगी।
मंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस शासनकाल के दौरान सामने आए विभिन्न पेपर लीक मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ था। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दोषारोपण नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है ताकि युवाओं का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।
सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने नए कानून को छात्रों के हित में बड़ा कदम बताते हुए इसे आवश्यक सुधार करार दिया।

