दिल्ली | देशभर में पेट्रोल और डीजल और CNG की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में 3-3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया है। नई कीमतें आज यानी 15 मई से लागू हो गई हैं। करीब दो साल बाद ईंधन की कीमतों में यह बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इससे आम लोगों के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।
पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों में वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब पहले से ही महंगाई को लेकर लोग परेशान हैं। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की कई वस्तुओं की कीमतों में भी आने वाले दिनों में बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में बदलाव का असर पूरे बाजार पर पड़ता है, क्योंकि माल ढुलाई से लेकर सार्वजनिक परिवहन तक हर क्षेत्र इससे प्रभावित होता है।

दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के नए रेट
नई दरों के लागू होने के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 97.77 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की कीमत बढ़कर 90.67 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। अन्य महानगरों और राज्यों में भी स्थानीय टैक्स और वैट के हिसाब से कीमतों में बदलाव हुआ है।
पिछले कुछ वर्षों में ईंधन की कीमतें कई बार रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी हैं। हालांकि बीच में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब एक बार फिर हालात बदलते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी होती है, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर इजाफा किया जा सकता है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और उद्योग क्षेत्र की लागत भी बढ़ेगी।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमत बनी वजह
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। युद्ध शुरू होने से पहले कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।

आम लोगों पर क्या होगा असर
पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे आम जनता की जेब पर पड़ेगा। निजी वाहन चलाने वालों का मासिक खर्च बढ़ेगा, वहीं ट्रांसपोर्ट महंगा होने से फल, सब्जी, दूध और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है।
इसके अलावा बस, टैक्सी और ऑटो जैसे सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है।

