प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसियों ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर वीडियो से संबंधित तकनीकी और डिजिटल जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
पुलिस के अनुसार, नोटिस के माध्यम से वीडियो अपलोड करने वाले अकाउंट्स का विवरण, आईपी लॉग, पोस्ट की टाइमलाइन और अन्य आवश्यक तकनीकी जानकारी मांगी गई है। जांच का उद्देश्य वीडियो के मूल स्रोत, उसके प्रसार के नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की पहचान करना है।
प्राथमिक जांच में पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित वीडियो वास्तविक है, संपादित (Edited) है या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से तैयार किया गया है। डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता से वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति या समूह की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ लागू कानूनों के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की गई है कि किसी भी अपुष्ट, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री को साझा करने से बचें और जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करें।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

