नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पदभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने नई जिम्मेदारी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि शिक्षा देश के भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और केंद्र सरकार की शिक्षा संबंधी सभी प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा, “मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निभाऊंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए शिक्षा क्षेत्र में पूरी क्षमता के साथ कार्य किया जाएगा।”
प्रह्लाद जोशी ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा से जुड़े सभी हितधारकों के सहयोग से देश की शिक्षा प्रणाली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का भरोसा जताया।
शिक्षा मंत्रालय की कमान संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी का यह पहला आधिकारिक बयान माना जा रहा है, जिसे केंद्र सरकार की शिक्षा संबंधी प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजना के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

