पुरी। विश्व प्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के तीनों भव्य रथ पूरी तरह सज-धजकर श्रीमंदिर के सिंहद्वार पर पहुंच चुके हैं। पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच रथों को निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया, जहां अब लाखों श्रद्धालु महाप्रभु के दर्शन और रथ यात्रा के शुभारंभ का इंतजार कर रहे हैं।
इधर, श्रीमंदिर प्रशासन (Shree Mandir Administration) ने महाप्रभु की विभिन्न धार्मिक नीतियों (अनुष्ठानों) का आधिकारिक समय भी जारी कर दिया है। इसके अनुसार, सभी पारंपरिक रस्में निर्धारित समय पर संपन्न कराई जाएंगी, जिसके बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे।
रथ यात्रा से पहले सिंहद्वार पर धार्मिक माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो चुका है। मंदिर परिसर और ग्रैंड रोड (बड़दांड) को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पुरी पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं।
रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ, भगवान बलभद्र के तालध्वज रथ और देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ को लाखों श्रद्धालु रस्सियों के माध्यम से खींचेंगे। हिंदू धर्म में इस यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है और मान्यता है कि रथ यात्रा में शामिल होने या भगवान के रथ का दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। श्रीमंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जारी किए गए दिशा-निर्देशों और निर्धारित समय का पालन करें, ताकि सभी धार्मिक अनुष्ठान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें। प्रशासन ने यह भी कहा है कि सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस और स्वयंसेवक पूरे आयोजन के दौरान लगातार निगरानी बनाए रखेंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी पुरी रथ यात्रा को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। भक्ति, आस्था और परंपरा का यह महापर्व एक बार फिर भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर करने के लिए तैयार है।

