नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने अपना विरोध और तेज कर दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के कई सांसद काले कपड़ों (Black Dress) में संसद पहुंचे और NEET Paper Leak, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज तथा अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने और इन मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग की।
Black Dress में संसद पहुंचा विपक्ष
विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचने के पीछे इसे लोकतांत्रिक विरोध का प्रतीक बताया। प्रदर्शन में शामिल नेताओं का कहना था कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों और हाल की घटनाओं पर सरकार को संसद के भीतर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कई सांसदों ने नारेबाजी भी की और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
NEET Paper Leak बना बड़ा मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने NEET पेपर लीक मामले को प्रमुखता से उठाया। नेताओं का कहना था कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में सरकार को पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानकारी संसद में देनी चाहिए। विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए।
लाठीचार्ज के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
विपक्षी सांसदों ने हाल के छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज का भी विरोध किया। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरती गई। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
संसद परिसर में बढ़ी राजनीतिक हलचल
राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के चलते संसद परिसर में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संसद परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।
मानसून सत्र में टकराव के संकेत
मानसून सत्र के शुरुआती दिनों से ही सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी संसद के भीतर NEET Paper Leak, छात्र आंदोलन और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर बहस और विरोध प्रदर्शन जारी रह सकते हैं।
आगे की रणनीति पर सभी की नजर
विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर संसद में चर्चा नहीं कराई गई, तो विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। वहीं सरकार की ओर से इन मुद्दों पर क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है।

