लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में Jauhar University का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “पश्चाताप के समय बेचैन नहीं हुआ जाता”, और आरोप लगाया कि अब विपक्ष उन मामलों पर राजनीति कर रहा है जिन पर पहले जवाबदेही तय होनी चाहिए थी।
राजभर का अखिलेश यादव पर सीधा निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान राजभर ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और यदि किसी संस्थान या व्यक्ति के खिलाफ जांच चल रही है, तो उसे कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि सत्ता में रहते हुए जिन लोगों ने नियमों की अनदेखी की, वे अब कार्रवाई होने पर असहज दिखाई दे रहे हैं।
Jauhar University विवाद फिर चर्चा में
राजभर ने जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी संपत्तियों, भूमि और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर जो भी आरोप सामने आए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी को राजनीतिक रूप से निशाना बनाना नहीं, बल्कि कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करना है।
सपा पर लगाए गंभीर आरोप
ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में कई फैसलों में पारदर्शिता की कमी रही। उन्होंने दावा किया कि जनता अब जवाब चाहती है और किसी भी मामले में कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा किया जाना चाहिए।
सियासी बयानबाजी हुई तेज
राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा फिर चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन सकता है।
कानूनी प्रक्रिया पर जोर
राजभर ने दोहराया कि सरकार कानून के अनुसार काम कर रही है और किसी भी जांच या कार्रवाई में न्यायिक प्रक्रिया का पूरा पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के हित और सरकारी संसाधनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
फिलहाल, राजभर के बयान पर समाजवादी पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक गलियारों में यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

