अयोध्या के राम मंदिर को लेकर उठे चंदा और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने गलत काम किया है या धन के दुरुपयोग में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन कुछ लोगों की गलती के आधार पर पूरी संस्था या ट्रस्ट की नीयत और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
सतीश महाना ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसके निर्माण में देशभर के लोगों ने श्रद्धा के साथ योगदान दिया है। ऐसे में किसी भी आरोप की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना तथ्यों के पूरे ट्रस्ट या संस्था को कटघरे में खड़ा करना गलत संदेश देता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कानून सभी के लिए समान है। यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन दोष केवल उसी व्यक्ति तक सीमित रहना चाहिए। किसी संस्था की छवि को बिना पर्याप्त सबूत नुकसान पहुंचाना न्यायसंगत नहीं है।

