अयोध्या। राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच के क्रम में पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया जा सके।
SIT अब तक दान प्रबंधन, वित्तीय अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर चुकी है। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कथित अनियमितताओं की परिस्थितियां क्या थीं और क्या किसी स्तर पर प्रक्रियागत चूक या नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसके लिए ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
सूत्रों का कहना है कि जांच टीम आवश्यकता पड़ने पर पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा से भी विस्तृत पूछताछ कर सकती है। हालांकि, अब तक किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। ऐसे में मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष पड़ताल की जा रही है।
इस बीच, राम मंदिर से जुड़े इस मामले पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज है। जांच एजेंसियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष तय होने का अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

