नई दिल्ली/गुरुग्राम: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के बीच उनकी तबीयत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए अस्पताल लाया गया। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अस्पताल के बाहर Three-Layer Security
सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद मेदांता हॉस्पिटल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। अस्पताल परिसर और आसपास हरियाणा पुलिस तथा दिल्ली पुलिस की संयुक्त तैनाती के साथ थ्री-लेयर सिक्योरिटी लागू की गई है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था एहतियात के तौर पर बढ़ाई गई है ताकि अस्पताल में इलाज और अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित न हों।
केंद्रीय मंत्रियों ने लिया स्वास्थ्य का हाल
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली। दोनों मंत्रियों ने डॉक्टरों से उपचार की स्थिति पर चर्चा की और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
डॉक्टरों की निगरानी में जारी उपचार
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सोनम वांगचुक का विस्तृत मेडिकल परीक्षण किया गया है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी रख रही है और आवश्यकतानुसार उपचार दिया जा रहा है। डॉक्टर समय-समय पर उनकी मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि किसी भी व्यक्ति का जीवन और स्वास्थ्य सर्वोपरि है। अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया था कि सोनम वांगचुक को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उनके इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
स्वास्थ्य अपडेट पर बनी हुई है नजर
सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर उनके समर्थकों और आम लोगों की नजर लगातार अस्पताल से आने वाले अपडेट पर बनी हुई है। वहीं प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनकी चिकित्सा देखभाल प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार आगे की मेडिकल प्रक्रिया जारी रहेगी।

