नई दिल्ली: CJP के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच संगठन के प्रमुख चेहरों में शामिल अभिजीत दीपके ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब प्रस्तावित ‘कॉकरोच संसद मार्च’ नहीं निकाला जाएगा। उनका कहना है कि हाल के घटनाक्रम और प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए आंदोलन की रणनीति में बदलाव किया गया है।
‘छात्रों की सुरक्षा सबसे पहले’
अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है, न कि किसी भी छात्र को जोखिम में डालना। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं के बाद संगठन ने समीक्षा की और यह निर्णय लिया कि प्रस्तावित संसद मार्च फिलहाल आयोजित नहीं किया जाएगा।
आंदोलन रहेगा जारी
उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद मार्च का फैसला वापस लेने का अर्थ यह नहीं है कि आंदोलन समाप्त हो गया है। CJP अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाता रहेगा। संगठन ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से संवाद और लोकतांत्रिक विरोध आगे भी जारी रहेगा।
दिल्ली प्रदर्शन के बाद बदली रणनीति
हाल के प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए संगठन ने अपनी रणनीति पर पुनर्विचार किया। अभिजीत दीपके ने कहा कि किसी भी आंदोलन की सफलता से अधिक महत्वपूर्ण उसमें शामिल छात्रों की सुरक्षा और भलाई है। इसी कारण संगठन ने विरोध के तरीकों में बदलाव करने का फैसला लिया है।
आगे की रूपरेखा जल्द होगी घोषित
CJP ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। संगठन का कहना है कि भविष्य के सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और कानून के दायरे में रहकर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही छात्रों से संयम बनाए रखने और किसी भी अफवाह से दूर रहने की अपील भी की गई है.

